खाड़ी क्षेत्र में अशांति से उर्वरक के घरेलू उत्पादन में गिरावट

29-Apr-2026 12:23 PM

नई दिल्ली। ईरान-अमरीका युद्ध शुरू होने के बाद से भारत में रासायनिक उर्वरकों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष मार्च-अप्रैल के दो महीनों में उत्पादन करीब 12 लाख टन घटने की संभावना है। खरीफ कालीन फसलों की बिजाई शुरू होने से पूर्व किसान इन उर्वरकों की खरीद के लिए आउटलेट्स (बिक्री केन्द्र) पर कतार लगाने लगे हैं मगर उन्होंने इसे प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो रही है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 16 अप्रैल 2026 के दौरान देश में करीब 59 लाख टन उर्वरक का उत्पादन हुआ। पिछले साल की समान अवधि में उत्पादन 76.09 लाख टन पर पहुंचा था। यदि 27-30 अप्रैल के दौरान 4-5 लाख टन का भी उत्पादन मान लिया जाए तो इसकी कुल मात्रा 63-64 लाख टन तक ही पहुंच पायेगी जो गत वर्ष से 12-13 लाख टन कम होगी। 

इसके तहत खासकर यूरिया के उत्पादन में भारी गिरावट आना गंभीर चिंता का विषय है। आपूर्ति एवं उपलब्धता में कमी आने की आशंका को देखते हुए कई भागों में किसानों ने समय से पूर्व ही उर्वरकों की खरीद का प्रयास आरंभ कर दिया है। इससे बिक्री की गति तेज हो गई है। अप्रैल में शुरुआती 17 दिनों में 8.53 लाख टन यूरिया की बिक्री हो गई जो गत वर्ष की इसी अवधि की बिक्री 7.71 लाख टन से अधिक रही।