केरल तट पर 31 मई को दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की संभावना
16-May-2024 11:35 AM
तिरुअनन्तपुरम । । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने नियत समय 1 जून से एक दिन पूर्व यानी 31 मई को केरल के तट पर पहुंच सकता है। इसमें चार दिन का उतार-चढ़ाव (अंतर) होने की बात भी कही गई है जिसका मतलब यह हुआ कि केरल में मानसून 27 मई से 4 जून के बीच पहुंचेगा।
आईएमडी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2005 से 2021 के 19 साल के दौरान केरल में मानसून के आगमन की तिथि के बारे में जो भविष्यवाणी की गई यह सही साबित हुई और केवल वर्ष 2015 का अनुमान इसका अपवाद रहा।
वर्ष 2023 में मानसून 8 जून को केरल के तट पर पहुंचा था जबकि आईएमडी ने 4 जून को इसके पहुंचने की संभावना व्यक्त की थी। चार दिन का अंतर स्वाभाविक माना जाता है।
मौसम विभाग के मुताबिक यदि 18-19 मई तक उम्मीद के अनुरूप दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिणी-पश्चिम मानसून दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिणी अंडमान सागर एवं बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचता है तो केरल तट पर यह अपने नियत समय पर पहुंच सकता है।
इस बीच अंडमान- निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्ष्यद्वीप में मानसून सक्रिय रहेगाा। हवा के प्रवाह की दिशा तथा समुद्र में हलचल के आधार पर मानसून की गतिशीलता निर्भर करेगी।
चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के चार माह (जून-सितम्बर) की अवधि में देश के अंदर दीर्घकालीन औसत (एफपीए) से अघिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है जिससे खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद की जा रही है।
गत वर्ष जून में सामान्य से कुछ कम बारिश हुई थी मगर जुलाई में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा हुई और कई इलाकों में भयंकर बाढ़ आ गई थी।
इसके बाद अगस्त में मानसून काफी हद तक निष्क्रिय हो गया और अनेक महत्वपूर्ण कृषि राज्यों में सूखे का गंभीर संकट पैदा हो गया जिससे खासकर धान एवं दलहन फसलों को भारी क्षति हुई। सितम्बर में बारिश कमोबेश सामान्य रही मगर तब तक फसलों को काफी क्षति हो चुकी थी।
