भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने की तैयारी के बीच चीनी निर्यात पर और सख्ती संभव

06-Apr-2026 08:49 AM

भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने की तैयारी के बीच चीनी निर्यात पर और सख्ती संभव
★ भारत सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत (E20) से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है, जिसके चलते आने वाले समय में चीनी निर्यात पर और प्रतिबंध लगने की संभावना जताई जा रही है।
★ भारत पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब एथेनॉल मिश्रण को और बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है। ऐसे में घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार को चीनी निर्यात पर रोक या सख्त नियंत्रण लागू करना पड़ सकता है।
★ पिछले वर्षों में भी उत्पादन की स्थिति के अनुसार निर्यात नीति में बदलाव किया गया है। वर्ष 2022-23 में उत्पादन घटने के कारण निर्यात सीमित किया गया था, जबकि 2023-24 में रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद निर्यात की अनुमति नहीं दी गई। 2024-25 में 10 लाख टन की अनुमति में से 9 लाख टन निर्यात हुआ, जबकि चालू 2025-26 सीजन में अब तक 15.9 लाख टन की अनुमति दी गई है, जिसमें से लगभग 3.6 लाख टन निर्यात किया जा चुका है।
★ उद्योग के सामने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी बना हुआ है। मार्च 2026 के अंत तक करीब ₹16,918 करोड़ का बकाया लंबित है। हालांकि कुल देनदारी का लगभग 84 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है, फिर भी शेष राशि चिंता का विषय बनी हुई है।
★ एथेनॉल उत्पादन क्षमता के बावजूद मांग अपेक्षा से कम रही है। तेल विपणन कंपनियों ने पहले चरण में केवल 288.51 करोड़ लीटर एथेनॉल का ऑर्डर दिया, जबकि चीनी मिलों की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 1,000 करोड़ लीटर सालाना बताई जाती है।
★ El Niño की संभावित वापसी भी चिंता बढ़ा रही है।
★ कमजोर मानसून की स्थिति में गन्ना उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जैसा कि 2024-25 सीजन में हुआ था, जब उत्पादन घटकर लगभग 261 लाख टन रह गया था, जो पिछले वर्ष के 320 लाख टन से कम था।
★ एथेनॉल नीति को आगे बढ़ाने के साथ सरकार को चीनी की घरेलू उपलब्धता और कीमतों के संतुलन के लिए निर्यात पर कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।