काला सागर क्षेत्र से शिपमेंट बाधित होने से गेहूं का भाव तेज
08-Sep-2026 05:31 PM
शिकागो। काला सागर क्षेत्र में अवस्थित- दुनिया में गेहूं का सबसे बढ़ा निर्यातक देश है जबकि उसका पड़ोसी यूक्रेन भी सात शीर्ष निर्यातक देशों की सूची में शामिल है। लेकिन दोनों देशों के बीच घमासान युद्ध जारी है। दोनों देश एक दूसरे के बंदरगाहों एवं व्यापारिक जहाजों पर भीषण हमले कर रहे हैं जिससे उसके गेहूं के निर्यात शिपमेंट में भारी बाधा पड़ रही है।
अमरीका का एक प्रतिनिधिमंडल रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौता करवाने के उद्देश्य से रूस के साथ बातचीत करने के लिए मास्को गया था। इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई थीं। लेकिन जब वार्ता का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया तब गेहूं की कीमतों में भारी तेजी आने लगी।
अमरीका का शांति मिशन असफल होने से स्पष्ट हो गया कि काला सागर क्षेत्र का जलमार्ग फिलहाल जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इस खबर के सामने आते ही शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में गेहूं के साथ-साथ सोयाबीन एवं मक्का का वायदा मूल्य भी मजबूत हो गया।
सीबोट में सर्वाधिक सक्रिय पोजीशन के लिए गेहूं का वायदा भाव 3 प्रतिशत उछलकर 7.56 डॉलर प्रति बुशेल से भी ऊपर पहुंच गया। इसी तरह मक्का का वायदा मूल्य 0.7 प्रतिशत बढ़कर 5.40 डॉलर प्रति बुशेल तथा सोयाबीन का वायदा भाव 0.02 प्रतिशत सुधरकर 13.12 डॉलर प्रति बुशेल हो गया।
रूस-यूक्रेन से शिपमेंट बाधित होने के कारण अनाज आपूर्तिकर्ता देशों- अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं फ्रांस आदि को अपने गेहूं का निर्यात बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल रहा है।
