जायद फसलों का रकबा बढ़कर 86 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
27-May-2026 04:45 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकालीन या जायद सीजन की फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 86.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र 83.50 लाख हेक्टेयर से 3.02 प्रतिशत ज्यादा है।
यद्यपि इस अवधि के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 32.42 लाख हेक्टेयर से घटकर 31.05 लाख टन रह गया लेकिन मोटे अनाजों का रकबा 14.25 लाख हेक्टेयर से उछलकर 16.01 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 27.26 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 27.91 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 9.58 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 11.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। ग्रीष्मकालीन फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के मुकाबले 2026 के जायद सीजन के दौरान मोटे अनाजों के संवर्ग में बाजरा का बिजाई क्षेत्र 5.20 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 5.40 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 8.50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.00 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जबकि शेष मोटे अनाजों की खेती सीमित क्षेत्रफल में हुई।
दलहन फसलों में मूंग का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 23.26 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 23.01 लाख हेक्टेयर पर अटक गया मगर उड़द का बिजाई क्षेत्र 3.58 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.60 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। सीमित क्षेत्र में अन्य दलहनों की खेती हुई।
जहां तक तिलहन फसलों की बात है तो उसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 9.58 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 11.04 लाख हेक्टेयर हो गया।
इसमें से मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 4.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.51 लाख हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 4.96 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 5.07 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में फरवरी के दौरान बिजाई वाली फसलें अब परिपक्व होकर कटाई के लिए तैयार होती जा रही हैं।
