इंडोनेशिया में पाम तेल के निर्यात की निगरानी हेतु सरकारी एजेंसी का निर्माण
27-May-2026 03:41 PM
जकार्ता। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि देश से पाम तेल एवं कोयला सहित कुछ अन्य महत्वपूर्ण उत्पादों के निर्यात पर नजर रखने के लिए एक सरकारी एजेंसी का गठन किया गया है। राष्ट्र्पति के अनुसार यह एजेंसी रणनीतिक प्राकृतिक संसाधनों की निर्यात बिक्री का प्रबंधन करेगी ताकि सरकारी आमदनी में अधिक से अधिक बढ़ोत्तरी संभव हो सके और निर्यात निगरानी में सुधार आ सके।
उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया संसार में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां से इसका सबसे ज्यादा निर्यात भारत को किया जाता है। राष्ट्रपति के अनुसार अगर महत्वपूर्ण जिंसों के निर्यात से सम्बन्धित मुद्दों को सुलझा लिया जाए तो इंडोनेशिया को करीब 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्त हो सकता है।
इस तरह की शिकायत भी सामने आई है कि कुछ निर्यातक टैक्स बचाने के लिए गलत इनवायस का सहारा ले रहे हैं। ऐसे मामलों पर गहरी नजर रखे जाने की जरूरत है। डीएसआई नामक यह सरकारी एजेंसी एक स्वायत्त वेल्स फंड की सहायक फर्म है जो सीधे राष्ट्रपति के पास अपनी रिपोर्ट भेजती रहती है।
राष्ट्र्पति ने डीएसआई के लिए दो चरणीय फ्रेमवर्क की घोषणा की है। पहला चरण 1 जून से 31 अगस्त के बीच पूरा करने का प्लान है जिसे संक्रमण की अवधि माना जाता है। इस अवधि के दौरान इंडोनेशिया के जो प्राइवेट निर्यातक निर्यात अनुबंधों के हस्तांतरण एवं विदेशी खरीदारों के साथ कारोबार करेंगे उन्हें उसकी पूरी जानकारी डीएसआई को देनी होगी।
दूसरा चरण 1 सितम्बर से आरंभ होगा और उस समय डीएसआई विदेशी खरीदारों के लिए एकमात्र काउंटर पार्टी बन जाएगी और उसके पास निर्यात का सम्पूर्ण अधिकार होगा और सारी जिम्मेदारी भी होगी।
