जायद फसलों का रकबा 5 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
25-Feb-2026 03:46 PM
नई दिल्ली। ग्रीष्मकालीन या जायद फसलों की बिजाई देश के विभिन्न भागों में अब जोर पकड़ने लगी है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका रकबा बढ़कर 21 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 20 लाख हेक्टेयर से 5 प्रतिशत ज्यादा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 20.38 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.30 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र तो 17.78 लाख हेक्टेयर के गत वर्ष के स्तर पर ही स्थिर रहा
लेकिन दलहनों का बिजाई क्षेत्र 76 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 91 हजार हेक्टेयर, मोटे अनाजों का क्षेत्रफल 1.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.38 लाख हेक्टेयर और तिलहनों का रकबा 77 हजार हेक्टेयर से उछलकर 1.24 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दलहन फसलों में मूंग का बिजाई क्षेत्र 56 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 59 हजार हेक्टेयर एवं उड़द का क्षेत्रफल 19 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 25 हजार हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाजों के संवर्ग में यद्यपि बाजरा का बिजाई क्षेत्र 14 हजार हेक्टेयर से गिरकर 12 हजार हेक्टेयर रह गया मगर मक्का का क्षेत्रफल 89 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 1.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र तो गत वर्ष के 60 हजार हेक्टेयर से उछलकर इस बार 1.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन तिल का बिजाई क्षेत्र 12 हजार हेक्टेयर के स्तर पर ही स्थिर रहा। इसके अलावा जायद सीजन के दौरान दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों के संवर्ग में कुछ अन्य फसलों की भी थोड़ी-बहुत खेती होती है। जायद फसलों की बिजाई अगले कुछ सप्ताहों तक जारी रहेगी।
