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गन्ना का एफआरपी बढ़ाने के मुद्दे पर महाराष्ट्र के किसानों का प्रदर्शन

19-Oct-2026 07:12 PM

गन्ना का एफआरपी बढ़ाने के मुद्दे पर महाराष्ट्र के किसानों का प्रदर्शन

पुणे। गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) तथा चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) की समीक्षा करके इसमें सामयिक बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के किसानों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि 2026-27 सीजन के लिए गन्ना की क्रशिंग का चयन औपचारिक तौर पर आरंभ हो चुका है और ऐसे समय में किसानों का विरोध प्रदर्शन चीनी के उत्पादन पर असर डाल सकता है। 

किसानों ने केन्द्र सरकार से चीनी का एमएसपी मौजूदा समय में 3100 रुपए प्रति क्विंटल से लगभग दोगुना बढ़ाकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल तथा गन्ना का एफआरपी 3650 रुपए प्रति टन से बढ़ाकर 4500-5500 रुपए प्रति टन निर्धारित करने की मांग की है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि उत्तरी कर्नाटक के किसान गन्ना का एफआरपी 5500 रुपए प्रति टन नियत करने की मांग कर रहे हैं जबकि दक्षिणी कर्नाटक के किसानों का कहना है कि यह एफआरपी कम से कम 4500 रुपए प्रति टन निर्धारित होना चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि देश में गन्ना के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले, महाराष्ट्र दूसरे तथा कर्नाटक तीसरे नंबर पर रहता है जबकि चीनी के उत्पादन में महाराष्ट्र प्रथम तथा उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। कर्नाटक तीसरे सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य है।

केन्द्र सरकार ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ काफी बातचीत करने के बाद गन्ना उत्पादकों की समस्याओं एवं शिकायतों के निपटारे का उपाए सुझाने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है और उसकी रिपोर्ट तथा सिफारिशों की प्रतिक्षा की जा रही है लेकिन उद्योग समीक्षकों का मानना है

कि उस समिति पर दबाव बनाए रखने के लिए किसान धरना प्रदर्शन का सहारा ले रहे हैं। महाराष्ट्र में कुछ चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो जाने की सूचना मिल रही है।