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19-Oct-2026 07:41 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने एथनॉल के निर्माण में गन्ना जूस, शुगर सीरप एवं बी-हैवी शीरा के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे चीनी का उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
गन्ना अवयवों का उपयोग बंद होने से एथनॉल के उत्पादन में स्वाभाविक रूप से भारी गिरावट आएगी जिसकी क्षतिपूर्ति के लिए अनाज आधरित डिस्टीलरीज के उत्पादन बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी।
सरकार ने अभी तक पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण के लक्ष्य में किसी कटौती की घोषणा नहीं की है और यह 20 प्रतिशत पर बरकरार है। इस लक्ष्य को हासिल करने में गन्ना अवयवों से निर्मित एथनॉल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है जो इस बार यानी 2026-27 के मार्केटिंग सीजन से प्राप्त नहीं होगा।
एथनॉल का नया मार्केटिंग सीजन नवम्बर 2026 में आरंभ होगा और अक्टूबर 2027 तक जारी रहेगा। देश में एथनॉल का सर्वाधिक उत्पादन मक्का से ही होने लगा है।
2026-27 सीजन के लिए तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) एथनॉल की आपूर्ति का जो टेंडर जारी करेगी वह महज मक्का, सरकारी चावल तथा अन्य क्षतिग्रस्त अनाज से निर्मित एथनॉल के लिए होगा। खरीफ सीजन में बिजाई कम होने तथा बारिश में भी कमी आने से मक्का का उत्पादन घटने की संभावना है। इससे कीमतों में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।