गेहूं खरीद का बड़ा लक्ष्य

25-Apr-2026 10:44 AM

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के लिए पहले 303.37 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था मगर अब कुछ विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इसमें करीब 42 लाख टन का भारी इजाफा करते हुए इसे 345 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

इससे किसानों को अपने क्षतिग्रस्त गेहूं का अधिकांश स्टॉक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने में सफलता मिल सकती है। गेहूं का थोक मंडी भाव घटकर एमएसपी से नीचे आ गया था जिससे किसानों को अपने उत्पाद का लाभप्रद मूल्य हासिल करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा था।

बाजार भाव को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से गेहूं का निर्यात कोटा भी 25 लाख टन से दोगुना बढ़ाकर 50 लाख टन तथा गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा 5 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन नियत किया गया है। इसके साथ-साथ केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाले चार अग्रणी राज्यों- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में गुणवत्ता सम्बन्धी नियमों- शर्तों में भारी छूट दी गई है।

इतना ही नहीं बल्कि मंत्रालय ने फ्लोर मिलर्स से कहा है कि वे सरकारी गेहूं पर निर्भर रहने के बजाए सीधे मंडियों में किसानों से इसकी खरीद बढ़ाने का प्रयास करे। 

हालांकि गेहूं की वास्तविक खरीद पिछले तीन-चार साल से नियत लक्ष्य से काफी कम हो रही है और इस बार का परिदृश्य भी ज्यादा भिन्न नहीं है।

सरकारी खरीद गत वर्ष से काफी पीछे है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जिस मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद में सर्वाधिक गिरावट देखी जा रही है वहीं खरीद के लक्ष्य में सर्वाधिक 22 लाख टन का इजाफा किया गया है।

वैसे राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकारी क्रय केन्द्रों पर आने वाले गेहूं के सम्पूर्ण स्टॉक की खरीद की जाएगी भले ही इसके लिए खरीद की समय-सीमा बढ़ानी पड़े। यूपी, बिहार, राजस्थान में भी लक्ष्य बढ़ाया गया है।