भारत और चीन की बदौलत चावल का वैश्विक उत्पादन बढ़ने का अनुमान

25-Apr-2026 12:15 PM

नई दिल्ली। इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) ने 2026-27 के सीजन में चावल का वैश्विक उत्पादन बढ़कर 54.80 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है जो 2025-26 सीजन के समीक्षित उत्पादन 54.40 करोड़ टन से 40 लाख टन ज्यादा है।

इसके तहत खासकर भारत और चीन में उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद व्यक्त की गई है। मालूम हो कि भारत और चीन दुनिया के दो सबसे प्रमुख चावल उत्पादक देश है जबकि भारत इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का सबसे बड़ा निर्यातक भी है।

दूसरी और चावल की वैश्विक खपत 54.40 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया गया है जो 2025-26 सीजन के मुकाबले 2026-27 सीजन के दौरान चावल का वैश्विक उत्पादन इसके कुल संभावित उपयोग से 40 लाख टन अधिक होने का अनुमान है जिससे बकाया अधिशेष स्टॉक में इतनी ही बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

आईजीसी की रिपोर्ट के अनुसार चावल का वैश्विक बकाया अधिशेष स्टॉक 2025-26 सीजन के 19.30 करोड़ टन से बढ़कर 2026-27 के सीजन में 19.70 करोड़ टन पर पहुंचने के आसार हैं।

कौंसिल ने चावल के वैश्विक कारोबार (आयात-निर्यात) में भी 20 लाख टन की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है। कौंसिल की नई रिपोर्ट के मुताबिक 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में करीब 590 लाख टन चावल का वैश्विक व्यापार होने की संभावना है जो 2026-27 के सीजन में बढ़कर 610 लाख टन पर पहुंच सकता है। इस तरह यह पहला अवसर होगा जब चावल का वैश्विक कारोबार 600 लाख (6 करोड़) टन से ऊपर पहुंचेगा। 

अफ्रीकी एवं एशियाई देशों में चावल के आयात की मांग काफी हद तक मजबूत रहेगी जिससे कीमतों में तेजी का माहौल  रह सकता है मगर शिपिंग खर्च ऊंचा रहने पर आयातक देशों की कठिनाई बढ़ेगी और प्रमुख निर्यातक देशों के बीच कठिन प्रतिस्पर्धा भी देखी जा सकती है।