एथनॉल मिश्रण से तेल आयात पर निर्भरता में कमी

30-Mar-2026 12:28 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार का कहना है कि पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बड़े पैमाने पर शुरू होने से भारत को क्रूड खनिज तेल के आयात पर निर्भरता घटाने में सहायता मिल रही है और इससे आर्थिक बचत हो रही है। वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर तेल का गंभीर संकट बना हुआ है। 

पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कहा था कि यदि देश में एथनॉल का उत्पादन एवं पेट्रोल में मिश्रण नहीं बढ़ता तो भारत को 4.50 करोड़ बैरल या करीब 7 अरब लीटर पेट्रोलियम का विदेशों से अतिरिक्त आयात करना पड़ता।

इस पर विशाल धन राशि खर्च होती। पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण की प्रक्रिया जारी है और आगे भी बरकरार रहेगी। यह भविष्य के लिए आवश्यक है। 

भारत में एथनॉल का निर्माण गन्ना अवयवों, मक्का, चावल तथा अन्य क्षतिग्रस्त अनाजों से होता है। सरकार भी अपने स्टॉक से एथनॉल निर्माताओं को चावल रियायती मूल्य पर उपलब्ध करवाती है और विभिन्न घटकों से निर्मित एथनॉल का मूल्य भी निर्धारित करती है।