मसूर के वैश्विक बाजार मूल्य में कुछ सुधार आने की उम्मीद
30-Mar-2026 01:55 PM
मुम्बई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फिलहाल मसूर की कीमतों में मिश्रित रुख देखा जा रहा है। जिसके सप्ताह हरी मसूर का भाव काफी हद तक स्थिर बना रहा जबकि लाल मसूर के दाम में थोड़ी नरमी दर्ज की गई। दरअसल पिछले सीजन में मसूर का वैश्विक उत्पादन तेजी से उछलकर 66.30 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था
जिससे न केवल आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम हो गई बल्कि इसका बकाया स्टॉक भी बढ़ गया। पुराने स्टॉक के साथ नए माल की अच्छी आवक के कारण मसूर की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है।
ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ अन्य देशों के उत्पादक वर्तमान मूल्य स्तर पर अपनी मसूर का स्टॉक बेचने से हिचकने लगे हैं क्योंकि मौजूदा भाव उन्हें आकर्षक प्रतीत नहीं हो रहा है। यदि वैश्विक बाजर में आपूर्ति कम हुई तो आगामी समय में मसूर के मूल्य में सुधार आने की संभावना बढ़ जाएगी।
भारत में मसूर की नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है और इसका भाव घटकर केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गया है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमरीका, रूस एवं कजाकिस्तान जैसे देशों में फसल की कटाई काफी पहले समाप्त हो चुकी है और अब वहां नई फसल के लिए बिजाई की तैयारी हो रही है।
