चावल के उत्पादन में 70 लाख टन की गिरावट आने का अनुमान
08-Sep-2026 03:58 PM
नई दिल्ली। मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान के क्षेत्रफल में भारी गिरावट आने तथा दक्षिण भारत में मानसून कमजोर रहने से चावल का उत्पादन घटने की संभावना है। अमरीकी कृषि विभाग की विदेश कृषि सेवा के भारतीय प्रतिनिधि कार्यालय (उस्डा पोस्ट) के अनुसार 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत 1540 लाख टन चावल का उत्पादन (सरकारी अनुमान) आंका गया जबकि 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में कुल उत्पादन घटकर 1470 लाख टन पर सिमटने की संभावना है।
वैसे उत्पादन में आने वाली इस गिरावट का भारत से चावल के निर्यात प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति में कोई जटिलता उत्पन्न होगी। उस्डा पोस्ट ने 2026-27 के दौरान भारत से 250 लाख टन चावल के निर्यात की संभावना व्यक्त की है जो 2025-26 के अनुमान के बराबर ही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान खरीफ सीजन में 4 सितम्बर 2026 तक धान का कुल उत्पादन क्षेत्र 421.82 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के रकबा 438.19 लाख हेक्टेयर से 16.37 लाख हेक्टेयर कम था। वैसे यह रकबा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से काफी ऊंचा है। पिछले साल धान का उत्पादन क्षेत्र तेजी से बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। भारत में धान की खेती खरीफ के साथ-साथ रबी एवं जायद (ग्रीष्मकालीन) सीजन के दौरान भी होती है।
