भारतीय खरीदारों द्वारा करीब 75 हजार टन सोया तेल का आयात सौदा कैंसिल
26-Feb-2026 03:35 PM
मुम्बई। आमतौर पर जब वैश्विक बाजार मूल्य में गिरावट आती है तब आयातक पूर्व में ऊंचे दाम पर किए गए सौदों को निरस्त करते हैं लेकिन इस बार सोया तेल के मामले में स्थिति उल्टी हो गई। भारतीय आयातकों ने लैटिन अमरीकी देशों से पहले अप्रैल-जून शिपमेंट के लिए 1080-1100 डॉलर प्रति टन की दर से क्रूड सोयाबीन तेल में आयात का अनुबंध किया था
लेकिन बाद में जब वहां इसका भाव उछलकर 1140-1147 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया तब भारतीय आयातकों ने 65 से 75 हजार टन तेल का अनुबंध निरस्त करके उसे वापस आपूर्तिकर्ताओं (निर्यातकों) को ही बेच दिया और इस तरह प्रति टन सोया तेल पर उसे 40 से 60 डॉलर तक का मुनाफा कमाने का अवसर मिल गया। ज्ञात हो कि भारत अब दुनिया में सोयाबीन तेल का सबसे प्रमुख आयातक देश बन गया है। इसका सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से होता है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार चूंकि सोयाबीन तेल का अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य अब भी ऊंचा चल रहा है इसलिए आगामी समय में आयात अनुबंध के तहत कैंसिल होने वाले सोयाबीन तेल की कुल मात्रा बढ़कर 1.00-1.20 लाख टन पर पहुंच सकती है। कई अन्य आयातक इस तरह की मंशा व्यक्त कर चुके हैं।
पेट्रोलियम की कीमतों में आई तेजी के कारण शिकागों बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में बेंचमार्क सोयाबीन तेल का वायदा भाव उछलकर गत दो वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा भारत के साथ अमरीका का व्यापार समझौता होने तथा अमरीका में जैव ईंधन निर्माण में सोया तेल के उपयोग का कोटा बढ़ाए जाने की उम्मीद से भी कीमतों को काफी समर्थन मिला।
