भारत में शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दिए जाने से चीनी का वैश्विक भाव तेज
05-Sep-2026 03:19 PM
मुम्बई। अक्सर ऐसा होता है कि जब भारत से चीनी के निर्यात की प्रकिया शुरू होती है तब वैश्विक बाजार में इसका दाम घट जाता है और जब भारत में इसके आयात की अनुमति दी जाती है तब वहां भाव ऊपर चढ़ जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखा जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा मिलर्स / रिफाइनर्स को 10 लाख टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के आयात की स्वीकृति दिए जाने के बाद से ही वैश्विक बाजार में भाव तेज होने लगा। वैसे चीनी की कीमतों में तेजी आने के कुछ और कारण भी सामने आ रहे हैं।
ब्राजील, भारत, थाईलैंड एवं यूरोपीय संघ के साथ-साथ मध्य अमरीकी देशों में भी मौसम की हालत प्रतिकूल होने से चीनी का उत्पादन घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ब्राजील और थाईलैंड दुनिया में चीनी के दो सबसे प्रमुख निर्यातक देश हैं। वहां उत्पादन कम होने से चीनी के निर्यात योग्य स्टॉक में गिरावट आ सकती है। भारत से चीनी का निर्यात पहले ही बंद हो चुका है और निकट भविष्य में इसकी अनुमति दिए जाने की संभावना भी नहीं है।
खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के मुकाबले अगस्त 2026 के दौरान चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में करीब 72 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई जबकि आगे भी इसमें तेजी-मजबूती का रुख बरकरार रहने की संभावना है। यूरोपीय संघ में भयंकर गर्मी पड़ने से चुकंदर की फसल प्रभावित होने के कारण चीनी का उत्पादन घटने की संभावना है। अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से एशिया के प्रमुख चीनी उत्पादक देशों में गन्ना की फसल को नुकसान हो रहा है।
हालांकि चीन में चीनी का उत्पादन कुछ बढ़ने का अनुमान है लेकिन इससे वैश्विक बाजार पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वह चीनी का निर्यात नहीं करता है। लेकिन बेहतर उत्पादन होने पर चीन में चीनी के आयात की आवश्यकता कुछ घट सकती है। जहां तक भारत का सवाल है तो यहां फिलहाल गन्ना एवं चीनी के उत्पादन में अनिश्चितता बनी हुई है।
