अमरीकी खरीदारों की निष्क्रियता से मसाला निर्यातक चिंतित

23-Mar-2026 12:59 PM

कोच्चि। ईरान-इजरायल के बीच युद्ध आरंभ होने के बाद से अमरीकी खरीदारों ने भारत से मसालों का नया आयात अनुबंध करना बंद कर दिया है। दरअसल समुद्री मार्ग अभी खतरे से खाली नहीं है।

उल्लेखनीय है कि अमरीका भारतीय मसालों के सबसे प्रमुख आयातकों में से एक है जहां लगभग 50 करोड़ डॉलर मूल्य के मसालों का वार्षिक आयात किया जाता है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार यदि अमरीकी आयातकों की खरीदारी लम्बे समय तक स्थगित रही तो घरेलू प्रभाग में मसालों की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ जाएगी और कीमतों में गिरावट आ सकती है।

बेशक निर्यातक वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहे हैं और जहाजों को दूसरे रास्तों से गंतव्य स्थान तक पहुंचाने का प्रयास भी जारी है लेकिन इसमें ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। 

अमरीका का बाजार बंद होना भारतीय मसाला उत्पादकों एवं निर्यातकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। इससे न केवल मसालों का सम्पूर्ण निर्यात प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है बल्कि घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका भी है। उत्पादकों को इससे अपने मसालों का लाभप्रद मूल्य प्राप्त करने में कठिनाई होगी। 

आमतौर पर नवम्बर में खरीदारों एवं आपूर्ति कर्ताओं के बीच संपर्क शुरू होता है जिसमें अगले वर्ष के लिए अस्थायी करार किए जाते हैं।

वास्तविक व्यापार बाद के महीनों में आपसी सम्पर्क के जरिए होता है लेकिन इस बार मार्च में अमरीकी आयातकों ने भारतीय निर्यातकों से सम्पर्क नहीं किया और न ही कोई नया आर्डर दिया।