अमरीका-बांग्ला देश के बीच कॉटन ट्रेड डील से भारत को नुकसान

27-May-2026 05:49 PM

मुम्बई। अमरीका और बांग्ला देश के बीच रूई तथा इसके उत्पादों के आयात-निर्यात के सम्बन्ध में जो व्यापारिक समझौता हुआ है वह क्षेत्रीय कारोबार के स्वरूप को बदलने वाला और भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

एक तो परम्परागत रूप से भारतीय रूई के सबसे प्रमुख खरीदार- बांग्ला देश अब अमरीका से अधिक से अधिक मात्रा में रूई मंगाने का प्रयास करेगा और दूसरे, अमरीकी बाजारों में बांग्ला देश का वस्त्र उत्पाद भी सीमा शुल्क से मुक्त हो जाएगा। 

वर्तमान समय में बांग्ला देश से अमरीका को 9-10 अरब डॉलर मूल्य के वस्त्र उत्पादों का वार्षिक निर्यात होता है और अमरीकी बाजार में बांग्ला देश की भागीदारी 8-9 प्रतिशत है। मध्यावधि समय में यह हिस्सेदारी बढ़कर 12-15 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद है जिससे बांग्ला देश को करीब 5 अरब डॉलर की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।

इससे अमरीकी वस्त्र-परिधान बाजार में भारत के लिए चुनौती एवं कठिनाई बढ़ जाएगी। अमरीका भारतीय वस्त्र उत्पादों का भी विशाल बाजार है मगर वहां इस पर 18 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है। बांग्ला देश में भारतीय रूई का निर्यात भी घटने की संभावना है।