आयात में रूकावट एवं मजबूत मांग से रूई का भाव तेज
31-Mar-2026 11:51 AM
मुम्बई। विदेशों से रूई के आयात में अवरोध उत्पन्न हो रहा है जबकि घरेलू प्रभाग में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। इसे देखते हुए सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने अपने स्टॉक की रूई का न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ा दिया है। सरकारी रूई के मूल्य में 1300 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि के साथ निगम द्वारा मार्च के आरंभ से अब तक अपनी रूई के आधार मूल्य को 3200 रुपए प्रति कैंडी बढ़ाया जा चुका है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार रूई का भाव वैश्विक स्तर पर और खासकर आई सी ई एक्सचेंज में वायदा कारोबार के तहत लगातार बढ़ता जा रहा है। मार्च के प्रथम सप्ताह से अब तक इसमें करीब 15 प्रतिशत का इजाफा हो चुका है।
न्यूयार्क स्थित इंटरकांटीनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) में मई डिलीवरी के लिए रूई का वायदा मूल्य बढ़कर 70.12 सेंट प्रति पौंड को पार कर गया है जबकि जुलाई अनुबंध के लिए वायदा भाव 73.28 सेंट प्रति पौंड चल रहा है।
जहां तक घरेलू बाजार का सवाल है तो वहां भी कपास की कीमतें मजबूत होने लगी हैं। 2025-26 सीजन में उत्पादित कपास का अधिकांश भाग पहले ही मंडियों में पहुंच चुका है और सरकारी एजेंसी द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करीब 100 लाख गांठ की खरीद भी की गई। अब इसकी बिक्री का प्रयास किया जा रहा है।
अच्छी क्वालिटी की कपास का भाव रायचूर एवं अदोनी जैसी मंडियों में तथा महाराष्ट्र एवं गुजरात जैसे राज्यों के कुछ भागों में बढ़कर 8400-8700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गया है जो 8110 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा है।
