नेपाल से बड़ी इलायची का निर्यात नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

31-Mar-2026 01:28 PM

विराटनगर। बढ़ती कीमतों, बेहतर पैदावार एवं भारत की जबरदस्त मांग के सहारे नेपाल से बड़ी (काली) इलायची का निर्यात उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि भारत पहले नेपाल से भारी मात्रा में बड़ी इलायची मंगाता है और फिर उसके बड़े भाग का विदेशों में निर्यात कर देता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत से लगभग 60 प्रतिशत बड़ी इलायची का निर्यात पाकिस्तान को किया जाता है जबकि शेष भाग अन्य देशों को भेजा जाता है। 

नेपाल की इलायची स्मोकी (धुएं वाली) खुशबू के लिए जानी जाती है क्योंकि पेड़ से तोड़ने के बाद उसे भट्टी में सुखाया जाता है। चालू वित्त वर्ष के शुरूआती आठ महीनों में नेपाल से इलायची के निर्यात में 62.5 प्रतिशत की शानदार बढ़ोत्तरी हुई। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष की सम्पूर्ण अवधि में इसका निर्यात तेजी से बढ़कर 11 अरब रुपए के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। 

कस्टम विभाग के अनुसार मध्य मार्च में समाप्त हुए आठ माह की अवधि के दौरान नेपाल से 9.49 अरब रुपए (नेपाली मुद्रा) मूल्य के 4605 टन बड़ी इलायची का निर्यात हुआ जबकि पिछले वित्त वर्ष की पूरी अवधि के दौरान वहां से 4301 टन इलायची का निर्यात हुआ था जिससे 7.68 अरब रुपए की आमदनी प्राप्त हुई थी। 

समीक्षकों के अनुसार नेपाल में बड़ी इलायची का उत्पादन बढ़ रहा है और इसका दाम भी ऊंचा चल रहा है क्योंकि भारत सहित अन्य आयातक देशों में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। गत वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान नेपाल में इलायची का दाम 150-200 रुपए 2000-2600 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। इससे उत्पादकों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और वे उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।