वनस्पति तेल के वैश्विक बाजार पर कई कारकों का असर
09-Jul-2026 06:20 PM
शंघाई। एक अग्रणी संस्था- इंडियन वैजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर राव देसाई ने कहा है कि वैश्विक वनस्पति तेल उद्योग एक ऐसे नए दौर में प्रवेश कर रहा है जहां इस पर नीतिगत निर्णय, ऊर्जा बाजार, जलवायु परिवर्तन और भू राजनैतिक घटनाओं का गहरा असर पड़ सकता है। इससे आपूर्ति एवं कीमत भी प्रभावित होगी।
चीन के सबसे प्रमुख व्यावसायिक नगर- शंघाई में आयोजित चाइना इंटरनेशनल सेरियल्स एडं ऑयल कांफ्रेंस (सीसीओसी 17) को सम्बोधित करते हुए श्री देसाई वैश्विक घटनाओं एवं कारकों का असर वनस्पति तेल के उत्पादन, व्यापार प्रवाह एवं मूल्य निर्धारिण पर तेजी से बढ़ता जा रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार 2025 व 26 के मार्केटिंग सीजन में चार प्रमुख खाद्य तेलों का वैश्विक उत्पादन 3.1 की वृद्धि के साथ 21.25 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना है जबकि इसका वैश्विक उपयोग 1.9 प्रतिशत बढ़कर 21.10 करोड़ टन पर पहुंच सकता है।
इस तरह यद्यपि विश्व स्तर पर खाद्य तेलों की आपूर्ति की स्थिति काफी हद तक सुविधाजनक (आसान) रहने की उम्मीद है लेकिन बाजार की दिशा आयातक-निर्यातक क्षेत्रों के नितिगत निर्णय तथा कुछ अन्य कारकों से संचालित होगी। उन्होंने मलेशिया में 198 लाख टन एवं इंडोनेशिया में 493 लाख टन पाम तेल का उत्पादन आंका है।
