सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा

09-Jul-2026 08:08 PM

इंदौर। स्वदेशी खाद्य तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 100.3 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो इसके लक्ष्यांकित क्षेत्रफल का 80-90 प्रतिशत है। बिजाई का यह आंकड़ा सोपा द्वारा किए गए एक त्वरित सर्वेक्षण पर आधारित है।

सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र का सोपा का यह आंकड़ा सरकारी आंकड़े से काफी बड़ा है। सोपा के अनुसार केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का आंकड़ा 7 से 10 दिन तक पीछे रहता है इसलिए दोनों के आंकड़े मेल नहीं खाते हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र अभी 57 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है।

सोपा की विज्ञप्ति (रिलीज) में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में विलम्ब होने से सोयाबीन की बिजाई इस बार गत वर्ष की तुलना में देर से शुरू हुई। 15 जुलाई तक सोयाबीन की बिजाई की प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है बशर्ते मौसम और मानसून की हालत अनुकूल बनी रहे।

सभी प्रमुख उत्पादक इलाकों में फिलहाल सोयाबीन फसल की हालत सामान्य या संतोषजनक बनी हुई है। अगैती बिजाई वाली फसल में नए-नए पत्ते लग रहे हैं और पौधे वनस्पतिक चरण में पहुंच गए हैं।

किसान अब खेतों में खर पतवार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं और खाद तथा कीटनाशी रसायनों का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। जिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया उसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ एवं गुजरात मुख्य रूप से शामिल हैं।