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उत्तर पूर्व मानसून से दक्षिण भारत में भारी वर्षा

19-Oct-2026 10:47 AM

उत्तर पूर्व मानसून से दक्षिण भारत में भारी वर्षा

तिरुअनन्तपुरम। देश के दक्षिणी प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्व मानसून 16 अक्टूबर से सक्रिय है जिससे तमिलनाडु एवं केरल सहित अन्य दक्षिणी राज्यों में जोरदार बारिश होने लगी है। इससे पूर्व मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर को देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह प्रस्थान कर जाने की औपचारिक घोषणा की थी। 

पिछले सप्ताह के मध्य में तमिलनाडु पांडीचेरी और कराईकल में कहीं जोरदार तो कहीं सामान्य बारिश हुई। वर्षा का विस्तार दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश तक देखा गया। इसके बाद दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी भारी वर्षा हुई। इधर पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में जोरदार बारिश होने से धान की फसल को राहत मिली। 

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में 4 जून से 15 अक्टूबर 2026 के दौरान देश में सामान्य औसत के सापेक्ष करीब 85 प्रतिशत बारिश हुई। अब उत्तर-पूर्व मानसून पर सबका ध्यान केन्द्रीय है। दक्षिण भारत में वर्षा की भारी कमी से खरीफ फसलों के प्रभावित होने की आशंका है। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ भागों में भी कम बारिश हुई। 

दक्षिण भारत में रबी सीजन के दौरान गेहूं जौ, सरसों एवं मसूर-मटर की खेती नहीं या नगण्य होती है और मोटे अनाजों का रकबा भी कम रहता है। लेकिन वहां धान, चना, उड़द, मूंग, सूरजमुखी एवं मूंगफली आदि की अच्छी खेती होती है। उत्तर-पूर्व मानसून से सर्वाधिक वर्षा दक्षिण भारत में ही होती है। शीघ्र ही तमिलनाडु, पांडीचेरी, आंध्र प्रदेश एवं उड़ीसा में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है क्योंकि इसके लिए बंगाल की खाड़ी में परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं।