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19-Oct-2026 11:58 AM
इंदौर। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2025-26 सीजन की तुलना में 2.11 प्रतिशत गिरकर 107.93 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है। यद्यपि कुछ महत्वपूर्ण उत्पादक इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है जिससे सोयाबीन की औसत उपज दर प्रभावित होने की आशंका है लेकिन अन्य क्षेत्रों में हालत बेहतर होने से इसकी क्षतिपूर्ति काफी हद तक संभव हो जाने की उम्मीद है।
2026-27 सीजन के लिए अपने प्रथम उत्पादन अनुमान की रिपोर्ट में सोपा ने कहा है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में सोयाबीन का उत्पादन घटने की संभावना है मगर मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में पैदावार बेहतर होने की उम्म्मीद है। 17 अक्टूबर को इंदौर में आयोजित सोपा के इंटरनेशनल सोयाबीन कांफ्रेंस के समापन सत्र में इस आंकड़े का खुलासा किया गया।
सोपा की रिपोर्ट के अनुसार लम्बे समय तक अच्छी वर्षा का अभाव होने के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में करीब 7.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई और उसकी कटाई संभव नहीं हो सकी। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में मौसम एवं मानसून की हालत लगभग अनुकूल होने से सोयाबीन में मौसम एवं मानसून की हालत लगभग अनुकूल होने से सोयाबीन फसल की हालत काफी अच्छी देखी जा रही है। राजस्थान में भी औसत उपज दर एवं पैदावार में सुधार आने के आसार हैं।
सोपा के मुताबिक मध्य प्रदेश में सोयाबीन का उत्पादन गत वर्ष के 43.24 लाख टन से 32.2 प्रतिशत उछलकर 57.16 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है। मध्य प्रदेश इसका सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।