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19-Oct-2026 11:16 AM
नई दिल्ली। अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप से भारत सहित एशिया के कुछ अन्य देशों में बारिश कम होने से इस वर्ष धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल (आईजीसी) ने 2025-26 सीजन की तुलना में 2026-27 सीजन के दौरान चावल का वैश्विक उत्पादन 54.70 करोड़ टन से 1.10 करोड़ टन घटकर 53.60 करोड़ टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है। इसके तहत अकेले भारत में चावल का उत्पादन 60 लाख टन घटने की संभावना व्यक्त की गई है।
पिछले एक दशक में पहली बार वार्षिक आधार पर चावल का वैश्विक उत्पादन घटने का अनुमान लगाया गया है। दूसरी ओर इसके वैश्विक उपयोग में कुछ बढ़ोत्तरी होने की संभावना व्यक्त की गई है। अफ्रीका महाद्वीप के उप सहारा क्षेत्र तथा एशियाई देशों में चावल की मांग एवं खपत बढ़ने की उम्मीद है।
कम उत्पादन एवं अधिक उपयोग के कारण चावल के वैश्विक बकाया अधिशेष स्टॉक में पिछले चार वर्षों में पहली बार थोड़ी गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। चावल की वैश्विक आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति कुछ हद तक जटिल रह सकती है जिससे कीमतों में मजबूती का माहौल रहने की संभावना है। वैसे उत्पादन में गिरावट आने के बावजूद भारत के पास चावल का पर्याप्त निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद रहेगा।