उत्तर प्रदेश में सरकारी गेहूं की नगण्य खरीद
20-Feb-2026 07:27 PM
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत 18 फरवरी को आयोजित साप्ताहिक ई-नीलामी में राष्ट्रीय स्तर पर 1.44 लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया लेकिन इसमें से केवल 61 हजार टन की ही बिक्री संभव हो सकी।
उत्तर प्रदेश के लिए 10,500 टन गेहूं की बिक्री का कोटा नियत किया गया था लेकिन वहां सिर्फ एक फ्लोर मिलर ने नीलामी में भाग लेते हुए 100 टन गेहूं खरीदा जो कुल ऑफर का महज एक प्रतिशत रहा। पूर्ववर्ती सप्ताहों के दौरान उत्तर प्रदेश में सरकारी गेहूं की खरीद में मिलर्स अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे थे।
देश के अधिकांश राज्यों में सरकारी गेहूं की खरीद के प्रति मिलर्स-प्रोसेसर्स में कोई खास उत्साह या आकर्षण नहीं देखा जा रहा है। खाद्य निगम को चालू वित्त वर्ष के अंत तक 30 लाख टन गेहूं बेचने का दायित्व सौंपा गया था जिसमें से अब तक सिर्फ 6.70 लाख टन की बिक्री संभव हो सकी है।
मध्य मार्च तक ओएमएसएस के तहत साप्ताहिक नीलामी निरन्तर आयोजित होने की संभावना है लेकिन खरीदारों के बेहद कमजोर रिस्पांस को देखते हुए लगता है कि गेहूं की कुल वास्तविक बिक्री 9 लाख टन के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी। ज्ञात हो कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान ओएमएसएस के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम को लगभग 30 लाख टन गेहूं बेचने में सफलता मिली थी।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि प्राइवेट क्षेत्र के पास करीब 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है जो पिछले साल की समान अवधि के स्टॉक से लगभग 32 लाख टन ज्यादा है। समझा जाता है कि सरकारी गेहूं खुले बाजार की तुलना में कुछ महंगा रहता है जिससे इसकी कम बिक्री हो रही है।
