सरकार 105 लाख टन चावल बेचने की तैयारी में, रिकॉर्ड ऑफलोडिंग का लक्ष्य
20-Feb-2026 05:59 PM
सरकार 105 लाख टन चावल बेचने की तैयारी में, रिकॉर्ड ऑफलोडिंग का लक्ष्य
केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में 105 लाख टन चावल बाजार में उतारने की योजना बना रही है। यह बिक्री ओपन मार्केट सेल स्कीम, राज्यों को उदार आवंटन, एथेनॉल उत्पादन और भारत राइस पहल के जरिए की जाएगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक FCI कुल 93.9 लाख टन चावल ऑफलोड किया जिसमें 13.9 लाख टन ओपन मार्केट बिक्री, 34.2 लाख टन राज्यों को आवंटन, 44.9 लाख टन एथेनॉल निर्माण और 0.6 लाख टन भारत राइस योजना के तहत दिया गया।
पूल में स्टॉक लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय पूल में चावल का भंडार 340 लाख टन से अधिक है, जबकि 1 अप्रैल के लिए बफर आवश्यकता 135.8 लाख टन है।
इसके अलावा, मिलर्स से मिलने वाला 400 लाख टन से अधिक चावल*अभी स्टॉक में जुड़ना बाकी है।
पिछले वर्षों की तुलना में इस साल ऑफलोडिंग काफी ज्यादा है , FY25 में 46.3 लाख टन, FY24 में 15.4 लाख टन और FY23 में 17.8 लाख टन हुआ था अपलोड।
यदि स्टॉक को नियंत्रित नहीं किया गया तो भंडारण लागत बढ़ेगी और खाद्य सब्सिडी पर दबाव आएगा। सरकार ने FY26 के लिए खाद्य सब्सिडी बजट ₹2.03 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2.28 लाख करोड़ कर दिया है।
PMGKAY के तहत हर साल लगभग 360–380 लाख टन चावल, 180–200 लाख टन गेहूं करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जाता है।
साथ ही, MSP पर किसानों से 750–800 लाख टन अनाज की खरीद हर साल हो रही है, जिससे स्टॉक लगातार बढ़ रहा है।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ते स्टॉक को संतुलित करना है, ताकि भंडारण लागत और सब्सिडी बोझ को नियंत्रित रखा जा सके।.
