लालमिर्च की आवक गत वर्ष से कम : भाव ऊंचे

20-Feb-2026 06:54 PM

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होने के कारण मंडियों में लालमिर्च की दैनिक आवक गत वर्ष की तुलना में कम हो रही है जबकि भाव गत वर्ष से लगभग 40/42 रुपए प्रति किलो ऊंचे बोले जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष गुंटूर मंडी में फरवरी माह के अंत में लालमिर्च की दैनिक आवक 1.20 लाख बोरी की हो रही थी और लालमिर्च तेजा का भाव 140 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था। खम्मम मंडी में गत वर्ष लालमिर्च की आवक 50/55 हजार बोरी की चल रही थी और तेजा का भाव 140/141 रुपए बोला जा रहा था। वारंगल मंडी में आवक 38/40 हजार बोरी की हो रही थी और तेजा का भाव 135/136 रुपए बोला जा रहा था। जबकि वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च की आवक 50/55 हजार बोरी की है और तेजा का भाव 182/183 रुपए बोला जा रहा है। खम्मम मंडी में वर्तमान में आवक 22/25 हजार बोरी की चल रही और तेजा का भाव 181/182 रुपए बोला गया है। वारंगल में आवक 22/25 हजार बोरी की हो रही और तेजा का भाव 180 रुपए पर मजबूत बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि हालांकि आगामी दिनों में अन्य मालों की आवक में सुधार होगा मगर कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि उत्पादन कम होने के अलावा अच्छी क्वालिटी के मालों का स्टॉक भी कम माना जा रहा है। 

उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई के कारण मंडियों में आवक नहीं बढ़ रही है। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40/45 किलो) तक सिमट जाएगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन 36 लाख बोरी के आसपास माना गया था। तेलंगाना में भी उत्पादन गत वर्ष के 60/65 लाख बोरी के मुकाबले 45/50 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। इस वर्ष मध्य प्रदेश में भी उत्पादन कम रहा था। 

धारणा 

जानकारों का मानना है कि वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। आवक का दबाव बनने पर हो सकता है कीमतों में 5/7 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ जाए। जबकि भविष्य में लालमिर्च तेजा का भाव कभी भी 220/225 रुपए का स्तर छू सकता है।  

निर्यात अधिक 

मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 481446 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 6634 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में निर्यात 378061 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 6163.47 करोड़ की रही। जिस कारण से निर्यात में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि आय में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ और कुल आय 11404.90 करोड़ की हुई।