उत्तर प्रदेश में गन्ना का रकबा घटने से चीनी उत्पादन प्रभावित होने की आशंका
17-Sep-2026 11:44 AM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना के शीर्ष 11 जिलों में इस महत्वपूर्ण औद्योगिक फसल के उत्पादन क्षेत्र में कमी आई है जबकि कहीं-कहीं प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से फसल को क्षति होने की आशंका भी है। उत्तर प्रदेश गन्ना का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है और वहां इसका क्षेत्रफल भी सबसे ज्यादा रहता है।
2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन घटने की संभावना है। यदि अक्टूबर में वहां गन्ना की क्रशिंग आरंभ होती है तो चीनी की रिकवरी दर में कमी आएगी क्योंकि गन्ना पूरी तरह परिपक्व नहीं हो पाएगा। इसके अलावा गुड़-खांडसारी इकाइयों में गन्ना की मांग एवं खपत बढ़ने की उम्मीद है जिससे चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति में कमी आ सकती है। गुड़ का भाव आकर्षक स्तर पर चल रहा है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार उत्तर प्रदेश के 11 शीर्ष गन्ना एवं उत्पादक जिलों में ऐसी 20 मिलें अवस्थित हैं जहां चीनी का सर्वाधिक उत्पादन होता है। 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान राज्य में कुल करीब 89.52 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जिसमें इन 20 मिलों की संयुक्त भागीदारी 68 प्रतिशत रही। लेकिन 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में इन चीनी मिलों को कुछ समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहां गन्ना के क्षेत्रफल में 1.6 प्रतिशत की कमी आई है जबकि क्रशिंग जल्दी शुरू होने की संभावना है। इससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश के इन 11 जिलों- अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, सहारनपुर, शाजहांपुर एवं सीतापुर में संयुक्त रूप से 60.96 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ लेकिन इस वर्ष इन 11 जिलों में गन्ना का क्षेत्रफल घटकर 17.14 लाख हेक्टेयर रह गया है।
