धान का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से 6.20 लाख हेक्टेयर पीछे
25-Jul-2026 01:47 PM
नई दिल्ली। मानसून की बारिश को जोर पकड़ने से धान के रकबे में साप्ताहिक आधार पर काफी सुधार आया है लेकिन फिर भी वह पिछले साल के स्तर तक नहीं पहुंच सका। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक धान का कुल उत्पादन क्षेत्र 234.43 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की इसी अवधि के रकबे 240.63 लाख हेक्टेयर से 6.20 लाख हेक्टेयर कम है।
इस बार धान का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 412 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके मुकाबले वास्तविक रकबा अभी बहुत पीछे है। विभिन्न राज्यों में धान की रोपाई अभी जारी है।
इससे पूर्व 17 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान धान का सकल उत्पादन क्षेत्र 166.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जो गत वर्ष के 167.83 लाख हेक्टेयर से 1.43 लाख हेक्टेयर कम था। 24 जुलाई वाले सप्ताह में रकबा तो बढ़ा मगर साथ ही साथ गत वर्ष की तुलना में कमी का अंतर भी बढ़ गया।
अब देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है जिससे धान की रोपाई की गति तेज होने के आसार हैं। सरकार के पास चावल का विशाल भंडार मौजूद है।
