दलहनों का आयात लगभग दोगुना बढ़कर 66.33 लाख टन पर पहुंचा

30-Jan-2025 10:51 AM

नई दिल्ली (भारती एग्री एप्प)। वर्ष 2024 के दौरान देश में दलहनों का आयात लगभग दोगुना उछलकर 66.33 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा गया।

घरेलू उत्पादन कम होने से सरकार ने आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पीली मटर एवं देसी चना के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया जबकि तुवर, उड़द एवं मसूर का पहले ही शुल्क मुक्त आयात हो रहा था।

दलहनों का रिकॉर्ड आयात होने का प्रमुख कारण पीली मटर के आयात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी होना रहा। इसकी मात्रा वर्ष 2024 में 29.68 लाख टन पर पहुंच गई।

अब सरकार ने इसके शुल्क मुक्त आयात की अवधि 28 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी है जो पहले 31 दिसम्बर 2024 तक नियत की गई थी। 

पीली मटर के साथ-साथ तुवर एवं उड़द के आयात में भी जोरदार इजाफा हुआ आई ग्रेन इंडिया द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में तुवर का आयात उछलकर 12.33 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा जबकि उड़द का आयात भी 7.65 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंचा।

तुवर, उड़द, मसूर एवं देसी चना का शुल्क मुक्त आयात 31 मार्च 2025 तक किया जा सकता है। हालांकि मसूर का आयात वर्ष 2023 के 16.81 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर से घटकर वर्ष 2024 में 10.93 लाख टन रह गया लेकिन फिर भी इस आंकड़े को छोटा नहीं माना जा सकता है। दूसरी ओर देसी चना का आयात 1.31 लाख टन से करीब 4 गुणा बढ़कर 5.74 लाख टन से ऊपर पहुंच गया।

आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान के अनुसार वर्ष 2024 में दलहनों का रिकॉर्ड आयात किया गया जिससे आयात पर निर्भरता बढ़कर 25 प्रतिशत के करीब पहुंच गई।

घरेलू उत्पादन में आई कमी को पूरा करने के लिए सरकार को विदेशों से दलहनों के आयात को प्रोत्साहित करने के लिए विवश होना पड़ा। आगे भी दलहनों का विशाल आयात जारी रहने की संभावना है। 

भारत में इससे पूर्व वर्ष 2017 में 62.74 लाख टन दलहनों का रिकॉर्ड आयात हुआ था जिसमें पीली मटर की भागीदारी सबसे अधिक 31.03 लाख टन रही थी।

वर्ष 2024 का आयात उससे भी काफी आगे निकल गया। राहुल चौहान के अनुसार वर्ष 2024 में करीब 270 लाख टन दलहनों की घरेलू खपत हुई जिसमें आयातित माल की हिस्सेदारी 66.33 लाख टन या 24.57 प्रतिशत रही।