दाल-दलहन बाजार में स्थिरता या नरमी की धारणा

15-Apr-2026 07:45 PM

मुम्बई। पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता, बेहतर आपूर्ति एवं कमजोर सीजनल मांग के कारण निकट भविष्य में दाल- दलहन का भाव नरम या स्थिर रहने और इसमें सीमित उतार-चढ़ाव आने की संभावना है। एक अग्रणी व्यापारिक संस्था के अनुसार चना के दाम में कुछ तेजी-मंदी आ सकती है जबकि तुवर एवं उड़द का भाव नरम रहने की संभावना है।

बड़े-बड़े खरीदारों द्वारा दलहनों की खरीद में कम दिलचस्पी दिखाई जा रही है। दालों की खपत का सीजन आगे है जब लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का समय आएगा। जहां तक चना का सवाल है तो रबी सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण दलहन की सरकारी खरीद अभी जारी है और नीचे मूल्य पर उसे दाल मिलर्स तथा स्टॉकिस्टों की लिवाली का समर्थन मिलेगा। 

वैसे मंडियों में भारी आवक होने से चना की कीमतों पर आंशिक रूप से दबाव बरकरार रह सकता है मगर अच्छी लिवाली होने पर कभी कभार बाजार में थोड़ी तेजी भी आ सकती है। चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पिछले साल की तुलना में इस बार पीली मटर का आयात भी कम हो रहा है।

आगामी समय में चना का भाव मिलर्स एवं व्यापारियों की मांग, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में आवक तथा सरकारी खरीद की रफ्तार पर निर्भर करेगा। जहां तक उड़द एवं तुवर की बात है तो विदेशों से इसका अच्छा आयात हो रहा है और तुवर के घरेलू उत्पादन की आवक भी हो रही है जिससे आपूर्ति का कोई खास संकट नहीं है।