चीनी का भाव आगामी समय में सुधरने के आसार
15-Apr-2026 07:53 PM
मुम्बई। गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है और अब क्रियाशील इकाइयों की संख्या नगण्य रह गई है। चीनी का उत्पादन पिछले सीजन से कुछ अधिक तो हुआ है मगर उसे उत्साहवर्द्धक नहीं माना जा सकता है।
इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि गन्ना की पैदावार सरकारी अनुमान से काफी कम हुई और चीनी का उत्पादन उद्योग संगठनों की उम्मीद के अनुरूप नहीं हुआ। मोटे तौर पर कहा जा रहा है कि चीनी का उत्पादन इसकी घरेलू मांग एवं जरूरत से कुछ कम हो सकता है। इससे उद्योग के पास मौजूद बकाया अधिशेष स्टॉक में कमी आ सकती है। इस्मा ने स्टॉक घटने की संभावना से इंकार किया है।
चीनी की निर्यात मांग मजबूत होने लगी है। सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में 2026-27 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का उत्पादन घटने की संभावना है क्योंकि मिलर्स द्वारा एथनॉल निर्माण में गन्ना की अधिक मात्रा का उपयोग किया जाएगा। यदि अल नीनो मौसम चक्र का प्रकोप गंभीर रहा तो ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड एवं पाकिस्तान में भी चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। स्वयं भारत में गन्ना एवं चीनी के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जाने लगी है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी का भाव सुधरने लगा है जिससे भारतीय मिलर्स को निर्यात बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। अगर पश्चिम एशिया में स्थायी शांति बहाल हो जाए तो भारत से खाड़ी क्षेत्र के देशों में चीनी के निर्यात की गति तेज हो सकती है।
कुल मिलाकर आगामी महीनों में चीनी के घरेलू एवं वैश्विक बाजार का परिदृश्य उद्योग के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ सप्ताहों से चीनी का घरेलू बाजार भाव एक निश्चित सीमा में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर बना हुआ था मगर आगे यह कुछ मजबूत हो सकता है।
