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29-Oct-2026 06:04 PM
हालांकि, ऊंचे भावों पर बिकवाली सीमित रहने से बाजार में गिरावट पर अंकुश लगा हुआ है। दूसरी ओर, चना की ऊंची आयात लागत, घरेलू स्टॉक की सीमित उपलब्धता तथा ऑस्ट्रेलिया में प्रतिकूल मौसम से फसल प्रभावित होने की आशंका बाजार को समर्थन दे सकती है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में चना की बुवाई धीमी गति से होने के कारण आगामी उत्पादन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। त्योहारी मांग के चलते चना दाल और बेसन की खपत को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलियाई चना के भाव ऊंचे बने हुए हैं। नवा शेवा बंदरगाह पर नवंबर शिपमेंट 800 डॉलर व दिसंबर-जनवरी शिपमेंट के लिए भाव लगभग 820 डॉलर प्रति टन और जनवरी-फरवरी शिपमेंट के लिए 830 डॉलर प्रति टन सीएंडएफ बताए जा रहे हैं।
दिल्ली में आज चना 50 गिरकर मध्य प्रदेश लाइन 7425/7450 रुपए व राजस्थान लाइन 7475/7500 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। फिलहाल बाजार की दिशा सरकारी स्टॉक की बिक्री, आयातित चना की लागत और रबी बुवाई की प्रगति पर निर्भर करेगी।
सीमित आपूर्ति से आगे बाजार को समर्थन मिल सकता है, हालांकि कमजोर मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।