Home News

तिलहन-खाद्य तेल की निर्बाध आपूर्ति के लिए नामपुला सरकार एवं 'सी' में गठजोड़

01-Oct-2026 05:20 PM

तिलहन-खाद्य तेल की निर्बाध आपूर्ति के लिए नामपुला सरकार एवं 'सी' में गठजोड़

मुम्बई। भारतीय वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र की एक शीर्ष संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) तथा मोजाम्बिक के नामपुला प्रान्त की सरकार और साथ ही साथ सोलिडरिडाड नेटवर्क्ड एशिया एवं सोलिडरिडाड सॉदर्न अफ्रीका के बीच पारम्परिक हित के एक स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसका उद्देश्य नामपुला और भारत के बीच तिलहन एवं वनस्पति तेल की आवागमन के लिए एक स्थायी कॉरिडोर का पता लगाना और उसका उपयोग करना है।

इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भारत के लिए तिलहनों एवं खाद्य तेलों के नए एवं जिम्मेदार स्रोतों का विकास करना है और साथ ही साथ स्थानीय प्रोसेसिंग गतिविधियों, किसानों की भागीदारी तथा मोजाम्बिक में निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करना भी है। मोजाम्बिक अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में अवस्थित एक देश है और नामपुला उसका एक प्रान्त है।

भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे प्रमुख आयातक देश है जो अब इसके आयात के लिए अफ्रीका की ओर भी देख रहा है इसी संदर्भ में नामपुला प्रान्त तथा भारतीय उद्योग के बीच तिलहन कॉरिडोर पैक्ट हुआ है। 

नामपुला के गवर्नर ने भारतीय प्रोसेसर्स को अपने यहां तिलहनों की क्रशिंग-प्रोसेसिंग एवं रिफाइनिंग क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया है ताकि एक तरफ भारत को खाद्य तेलों का निर्यात करने और दूसरी ओर नामपुल में रोजगार के नए अवसरों का निर्माण करने में सहायता मिल सके।

भारतीय प्रोसेसर्स / रिफाइनर्स खाद्य तेलों की आपूर्ति के लिए नए-नए स्रोतों की तलाश कर रहे हैं और इसी संदर्भ में अब मोजाम्बिक पर इसकी नजर पड़ी है। समझौते में इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि नामपुला में जंगलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और किसानों को राहत प्रदान की जाएगी।