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01-Oct-2026 06:01 PM
मुम्बई। केन्द्र सरकार ने क्रूड सूरजमुखी तेल पर मौलिक आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत तथा रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर 32.5 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है। भारत में मुख्यत: क्रूड सूरजमुखी तेल का ही आयात किया जाता है जबकि नेपाल से सूरजमुखी तेल का थोड़ा-बहुत आयात होता है जिस पर कोई शुल्क नहीं लगता है।
एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के अनुसार शुल्क कटौती के कारण 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में सूरजमुखी तेल का आयात करीब 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी के साथ 35 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है लेकिन दूसरी ओर सोयाबीन तेल का आयात 10.7 प्रतिशत घटकर 50 लाख टन के आसपास रह जाने की संभवना है। सीमा शुल्क लगभग समाप्त हो जाने से क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात सस्ता होगा और घरेलू बाजार मूल्य में नरमी आने से इसकी मांग एवं खपत में बढ़ोत्तरी होगी।
जहां तक पाम तेल का सवाल है तो इसका आयात लगभग सामान्य या स्थिर रहने की संभावना है। एसोसिएशन के मुताबिक 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में देश के अंदर लगभग 80 लाख टन पाम तेल का आयात हो सकता है। खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में हुई कटौती का निर्णय 24 सितम्बर से प्रभावी हुआ है जबकि 31 अक्टूबर को मौजूदा मार्केटिंग सीजन समाप्त हो जाएगा इसलिए चालू सीजन में खाद्य तेलों के आयात पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगले मार्केटिंग सीजन में काफी अंतर दिखाई पड़ सकता है।