शानदार उत्पादन एवं विशाल स्टॉक से गेहूं के दाम पर दबाव

26-Feb-2026 12:14 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की भांति चालू वर्ष के दौरान भी देश में गेहूं का शानदार उत्पादन होने का अनुमान है जबकि इस बार बाजार में तथा केन्द्रीय पूल में इसके स्टॉक का स्तर ऊंचा है। इससे घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बेहद सुगम बनी रहेगी और इसकी कीमतों में उछाल आने की संभावना कम रहेगी। अगले महीने के तीसरे-चौथे सप्ताह से कुछ राज्यों में नए गेहूं की आवक आरंभ हो जाएगी जब अप्रैल से लगभग सभी प्रांतों में नई फसल कटने लगेगी। 

कुछ व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि नए माल की जोरदार आपूर्ति शुरू होने पर गेहूं का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ सकता है। सरकार ने इस बार गेहूं का एमएसपी 160 रुपए बढ़ाकर 2585  रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

लम्बे समय से गेहूं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और सरकार की नीति अनिश्चित रहती है। पिछले साल व्यापारियों ने ऊंचे दाम पर गेहूं खरीदा मगर भंडारण सीमा लागू करके सरकार ने इसे नीचे मूल्य पर अपना स्टॉक बेचने के लिए बाध्य कर दिया। इस बार गेहूं की खरीद में व्यापारिक समुदाय काफी सावधानी दिखा सकता है। 

उत्पादक संगठनों को भी गेहूं की कीमतों में गिरावट आने का डर सता रहा है। कुछ उत्साही समीक्षकों का मानना है कि अप्रैल-मई में गेहूं का दाम घटकर एमएसपी से 300-400 रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे आ सकता है।

यदि ऐसा हुआ तो किसानों का भारी हंगामा शुरू हो सकता है और सरकार को अत्यन्त विशाल मात्रा में गेहूं की खरीद के लिए विवश होना पड़ सकता है। यदि सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन दिया गया तो व्यापारी / स्टॉकिस्ट किसानों से गेहूं खरीदने में अच्छी दिलचस्पी दिखा सकते हैं।