सोयाबीन एवं मूंगफली की बिजाई पर सरकार की गहरी नजर
10-Jul-2026 08:27 PM
नई दिल्ली। खरीफ सीजन की दो सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सोयाबीन तथा मूंगफली की बिजाई पर केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का ध्यान विशेष रूप से केन्द्रित है। इसकी खेती का आदर्श समय तेजी से बीतता जा रहा है लेकिन बिजाई की गति में अपेक्षित तेजी नहीं देखी जा रही है।
दरअसल मूंगफली के तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों- गुजरात, राजस्थान एवं कर्नाटक में मानसून या तो देर से पहुंचा या फिर शुरूआती चरण में काफी कमजोर रहा।
जून में इस बार भीषण गर्मी का प्रकोप रहने से खेतों की मिटटी में नमी का भारी अभाव देखा गया जबकि बड़े पैमाने पर सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। इसके बावजूद राजस्थान में किसानों ने भारी उत्साह दिखाते हुए मूंगफली का रकबा बढ़ा दिया।
गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना में मूंगफली की बिजाई की गति अपेक्षाकृत धीमी रही। उधर राजस्थान में सोयाबीन की खेती में किसानों की दिलचस्पी कम देखी गई।
मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में बिजाई सामान्य होने की उम्मीद है मगर राजस्थान में रकबा पिछड़ सकता है। गुजरात में भी सोयाबीन का क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद कम है।
आंध्र प्रदेश के किसानों में इसकी खेती के लिए आकर्षण बरकरार है। सोयाबीन की बिजाई 20 जुलाई तक आसानी से हो सकती है जबकि मूंगफली की खेती जुलाई के अंत तक हो सकती है।
