हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में अधिक : उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई बढ़ी
10-Jul-2026 07:26 PM
नई दिल्ली। वर्तमान में हल्दी के भाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। वायदा एवं हाजिर बाजारों में भाव तेजी के साथ बोले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि स्टॉक कम रह जाने के कारण एवं स्टॉक भी मजबूत हाथों में होने के कारण माल की आवक कमजोर बनी हुई है। जबकि लोकल में मसाला निर्माताओं एवं निर्यातकों की लिवाली अच्छी चल रही है। सूत्रों का मानना है कि अभी कीमतों में ओर तेजी संभव है। क्योंकि मई फसल आने में अभी 6/7 माह का समय शेष है जबकि स्टॉक खपत की तुलना में कम है।
बिजाई अधिक
उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान भी उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर की गई है। तमिलनाडु में बिजाई का क्षेत्रफल 25/30 प्रतिशत अधिक होने के समाचार मिल रहे हैं जबकि निजामाबाद लाईन पर बिजाई 10/15 प्रतिशत अधिक होने के अनुमान है। मराठवाड़ा में सांगली लाइन पर भी बिजाई 10/15 प्रतिशत बढ़ने के समाचार है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्र मराठवाड़ा लाइन पर अभी तक 80/85 प्रतिशत बिजाई काकार्य पूरा हो चुका। व्यापारियों का कहना है कि नान्देड़ लाइन पर बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक एवं हिंगोली लाइन पर 40/45 प्रतिशत अधिक हुई है जबकि बसमत नगर लाइन पर बिजाई 20/25 प्रतिशत बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि बिजाई क्षेत्रफल में वृद्धि होने के समाचार मिल रहे है लेकिन आगामी दिनों में बारिश की क्या स्थिति रहती है इस पर निर्भर करेगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी देश में हल्दी की बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन नवम्बर माह में हुई बेमौसमी बरसात से फसल को नुकसान हुआ था। जिस कारण पैदावार में आशानुरूप वृद्धि नहीं हुई।
भाव अधिक
वर्तमान में हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में अधिक चल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष जुलाई 2025 के शुरू में दिल्ली बाजर में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 138/140 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में 164/165 रुपए बोला जा रहा है। इरोड मंडी में गत वर्ष इसी समयावधि में फली का भाव 138/140 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में 170/172 रुपए बोला जा रहा है। अन्य मंडियों में भी हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में 25/30 रुपए प्रति किलो ऊंचे चल रहे हैं।
स्टॉक
जानकारों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों एवं खपत केन्द्रों पर हल्दी का स्टॉक 45/46 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्र मराठवाड़ा में स्टॉक 18/20 लाख बोरी होने के अनुमान है। एक अनुमान के अनुसार खपत एवं निर्यातकों को मिलाकर प्रति माह 7/8 लाख बोरी की आवश्यकता होती है। जबकि आगामी 7 माह की खपत के लिए 50/55 लाख बोरी की आवश्यकता होगी।
मन्दा नहीं
जानकार सूत्रों का कहना है कि हल्दी की कीमतों में हाल-फिलहाल मंदे की संभावना नहीं है। अभी भाव ओर बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे है। व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में दिल्ली बाजार में हल्दी के भाव 180/185 रुपए प्रति किलो बन जाने चाहिए। वर्तमान में भाव 164/165 रुपए का चल रहा है।
निर्यात
वर्ष 2026-27 के प्रथम माह अप्रैल के दौरान हल्दी का निर्यात हालांकि मात्रात्मक रूप में 1 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन भाव ऊंचे होने के कारण आय में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 14957 टन का हुआ है था और निर्यात से प्राप्त आय 227.42 करोड़ की रही थी जबकि अप्रैल- 2026 में हल्दी का निर्यात 15039.21 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 256.79 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 के दौरान हल्दी का निर्यात 175896 टन का रहा और प्राप्त आय 2887.18 करोड़ की रही।
