साप्ताहिक समीक्षा-धान चावल
24-Jan-2026 08:07 PM
सीमित आयात के साथ मजबूत मांग से धान-चावल का मूल्य सुधरा
नई दिल्ली। खरीफ कालीन धान की आपूर्ति का सीजन ऑफ होने लगा है इसलिए प्रमुख थोक मंडियों में बासमती एवं गैर बासमती श्रेणी के धान की आवक सीमित हो रही है। कई मंडियों में धान का आना बंद हो चुका है। 17-23 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में रोजाना 8 से 16 हजार बोरी के बीच धान की आवक और सामान्य कारोबार के बीच कीमतों में कुछ सुधार देखा गया। नजफगढ़ में भी 4-6 हजार बोरी की दैनिक आवक के साथ 1121 धान का भाव कुछ तेज हो गया।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में 5-5 हजार बोरी धान की औसत दैनिक आवक हुई और कारोबार सामान्य रहा। पंजाब के अमृतसर में केवल 20 जनवरी को 800 बोरी धान आया। फाजिल्का एवं तरन तारन में धान की आवक नहीं हुई।
उत्तर प्रदेश
लेकिन उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों- एटा, मैनपुरी, जहांगीराबाद, शाजहांपुर, अलीगढ़ तथा खैर में धान की नियमित रूप से अच्छी आवक हो रही है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भी वहां अच्छी मात्रा में धान पहुंचा और मिलर्स / प्रोसेसर्स तथा निर्यातकों की अच्छी मांग से कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई।
हरियाणा
हरियाणा की तरावड़ी, टोहाना एवं गोहाना जैसी मंडियों में भी धान की आवक हुई और अच्छी लिवाली होने से कीमत 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तेज रही। राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में धान की भारी मात्रा की आपूर्ति हुई। दोनों मंडियों में अलग-अलग 60-70 हजार बोरी धान की दैनिक आवक हुई और खरीदारों की मजबूत मांग से कीमतों में 200 रुपए प्रति क्विंटल तक का इजाफा दर्ज किया गया।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो इसका शानदार कारोबार हुआ। प्रमुख आयातक देशों में बासमती एवं मोटे चावल की अच्छी मांग निकल रही है। एशिया में फिलीपींस से तथा अफ़्रीका में सेनेगल की सरकार ने चावल के आयात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। इधर मध्य-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम बहुल देशों में रमजान के लिए खासकर प्रीमियम क्वालिटी के बासमती चावल की मांग निकलने के संकेत मिल रहे हैं। अमृतसर, बूंदी, करनाल एवं नया बाजार (दिल्ली) में चावल की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।
