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साप्ताहिक समीक्षा- तुवर

24-Oct-2026 08:25 PM

साप्ताहिक समीक्षा- तुवर
कमजोर ग्राहकी और आयातकों की बढ़ती बिकवाली से तुवर बाजार में गिरावट, कीमतों पर दबाव बरकरार

नई दिल्ली। रेलू बाजार में ग्राहकी का अभाव बने रहने से चालू सप्ताह के दौरान तुवर की कीमतों में गिरावट का रुख देखने को मिला। तुवर दाल की मांग कमजोर रहने के कारण दाल मिलर्स की लिवाली सीमित बनी हुई है, जिससे बाजार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पा रहा है। बाजार में खरीदारी मुख्य रूप से जरूरत के अनुसार ही हो रही है, जबकि दाल की कमजोर खपत के चलते मिलर्स की ओर से बड़ी मात्रा में खरीदारी करने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इसके परिणामस्वरूप तुवर की कीमतों में तेजी के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं। दूसरी ओर, आयातकों द्वारा अफ्रीकी देशों और बर्मा की तुवर की बिकवाली बढ़ाए जाने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। आयातित तुवर की उपलब्धता और उसकी बढ़ती बिकवाली के कारण घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। कमजोर ग्राहकी के बीच आयातकों की बिकवाली बढ़ने से कीमतों में सुधार की संभावनाएं सीमित हो गई हैं। हालांकि, आयातित तुवर के मुकाबले देसी तुवर में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है। देसी तुवर की सीमित बिकवाली के कारण इसके भावों को कुछ समर्थन मिल सकता है, लेकिन केवल आपूर्ति पक्ष की स्थिति के आधार पर बाजार में मजबूत तेजी की उम्मीद करना फिलहाल मुश्किल है। जब तक दाल मिलर्स की मांग में सुधार नहीं होता और बाजार में ग्राहकी नहीं बढ़ती, तब तक देसी तुवर में भी तेजी की धारणा मजबूत होने की संभावना कम है। 
आयातकों की बिकवाली बढ़ने व मांग कमजो बनी रहने से मुंबई अफ्रीकी तुवर के भाव सप्ताहभर में 100/150 रुपये प्रति क्विंटल घट गए। और सप्ताहांत में भाव मोजाम्बिक सफेद 7950/8500 रुपये, गजरी 7850/8400 रुपये, मटवारा 7800/8200 रुपये, मलावी 7200/7950 रुपये तथा सूडान 10०00 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार चेन्नई में लेमन तुवर कीमतों में भी 100 रुपए प्रति क्विंटल घटकर सप्ताहंत में भाव 9500 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। 
आयातित     
निर्यातकों की बिकवाली बढ़ने व निर्यात मांग कमजोर पड़ने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 25 डॉलर प्रति टन  की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में बर्मा लेमन 985 डॉलर प्रति टन रह गयी।
दिल्ली 
पोर्ट की गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 100 रुपए व देसी तुवर में 150 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 9900 रुपए व देसी 10650/10750 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
महाराष्ट्र 
स्टाकिस्टों की बिकवाली बढ़ने व दाल मिलर्स की मांग कमजोर पड़ने से  इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की  मंदी दर्ज किया गया और इस मंदी के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 9500/10600 रुपये,अकोला 10350/10450 रुपए, लातूर में 10400/10525 रुपये, नागपुर 10400/10500 रुपये, बार्शी 9500 रुपये हिंगणघाट 9600/10400 रुपए व अहमदनगर 10100/10300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक   
मांग शांत बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 10800/11400 रुपए रायचूर 7100/10300 रुपए बीदर 9062/9555 रुपए तालिकोट 9411/9800 रुपए व यादगीर 9819/10451 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली कमजोर बनी रहने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 150/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 10500/10600 रुपए जबलपुर 7000/9500 रुपए पिपरिया 8000/9400 रुपए व करेली 8250/9600 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत  में 10200/10500 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 200 रुपए प्रति क्विंटल की घटकर सप्तहांत में भाव 8200 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
तुवर दाल 
तुवर की गिरावट के असर व मांग में कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 150/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 14200/15300 रुपए, कटनी फटका 13600/13800 रुपए, अकोला 14200/15300 रुपए, लातूर फटका 14900/15100 रुपए, गुलबर्गा फटका 14000/15000 रुपए व कानपुर फटका 13300/13400 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।