साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
24-Jan-2026 07:50 PM
सामान्य कारोबार एवं कम आपूर्ति से सरसों के दाम में तेजी
नई दिल्ली। ऐसा प्रतीत होता है कि उत्पादकों एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों के पास भी सरसों का कम स्टॉक बचा हुआ है जबकि इसकी मांग सामान्य है। अगले महीने से नई सरसों की छिटपुट आवक शुरू होने वाली है जबकि मार्च से जोरदार आपूर्ति शुरू हो जाएगी। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा अच्छी मात्रा में लिवाली किए जाने से 17-23 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में 100-200 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई जबकि बूंदी (राजस्थान) में दाम 800 रुपए उछलकर 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
42% कंडीशन सरसों
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 50 रुपए गिरकर 6950 रुपए प्रति क्विंटल रह गया मगर जयपुर में 50 रुपए सुधरकर 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। गुजरात की मंडियों में सरसों की कीमत 30-50 रुपए नरम रही मगर हरियाणा में 100 रुपए तक सुधर गई। मध्य प्रदेश की मंडियों में स्थिरता रही। लेकिन
राजस्थान
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में इस तिलहन के दाम में अच्छी वृद्धि देखी गई। वहां बूंदी एवं जयपुर के साथ-साथ भरतपुर, अलवर,कोटा, खैरथल, नेवाई एवं टोंक में भी सरसों के मूल्य में तेजी दर्ज की गई। इधर सरसों का भाव उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 25 रुपए सुधरकर 7500 रुपए प्रति क्विंटल तथा आगरा में 50 रुपए बढ़कर 7475/7925 रुपए प्रति क्विंटल के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
सरसों तेल
सरसों की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल रहने से सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का दाम भी 1-2 रुपए प्रति किलो सुधर गया। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 5 रुपए की वृद्धि के साथ 1455 रुपए प्रति 10 किलो तथा अलवर में 20 रुपए बढ़कर 1470 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा। वहां कच्ची घानी सरसों तेल की कीमत भी 20 रुपए की वृद्धि के साथ 1480 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंची लेकिन कोटा में कच्ची घानी तेल का मूल्य 40 रुपए घटकर 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल में कारोबार सामान्य से कम होने के कारण कीमतों में 30 से 60 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई लेकिन सरसों डीओसी में घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत होने से भाव कुछ तेज हो गया। चीन के आयातक इसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरसों की बिजाई बढ़ी है और फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है।
