साप्ताहिक समीक्षा-मटर

14-Feb-2026 08:50 PM

ग्राहकी का अभाव बना रहने से मटर बाजार में गिरावट जारी             
                            
कानपुर। बिकवाली का दबाव बढ़ने और मांग कमजोर पड़ने के कारण चालू सप्ताह के दौरान भी मटर बाजार में गिरावट का रुख कायम रहा। थोक बाजारों में खरीदारों की सक्रियता सीमित रहने से कीमतों में नरमी दर्ज की गई। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार वर्तमान में उपभोक्ता स्तर पर मांग अपेक्षा से कम है, जिससे स्टॉकिस्ट और आयातक आक्रामक रूप से माल निकाल रहे हैं। उत्पादक मंडियों में नए मटर की छिटपुट आवक शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी आवक का दबाव अधिक नहीं है, लेकिन बाजार को अनुमान है कि होली के बाद नई फसल की आमद तेज हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए बड़े स्टॉकिस्ट और आयातक अपने पुराने स्टॉक को तेजी से कम करने में जुटे हैं। परिणामस्वरूप बिकवाली का दबाव बढ़ा है और कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा है।आयातित मटर के पर्याप्त स्टॉक भी बाजार में उपलब्ध हैं। नई घरेलू फसल के आगमन की संभावना से आयातकों ने भी बिकवाली तेज कर दी है, ताकि ऊंचे भावों पर खरीदा गया माल अधिक नुकसान में न जाए। इससे बाजार में आपूर्ति का दबाव और बढ़ गया है।
चीन द्वारा कनाडाई मटर पर आयात सीमा शुल्क में कटौती के आश्वासन के बाद जनवरी के तीसरे और चौथे सप्ताह में कनाडा के मटर बाजार में हलचल देखी गई थी और कीमतों में सीमित तेजी आई थी। हालांकि कारोबार का दायरा छोटा रहने से पिछले दो सप्ताह से भाव लगभग स्थिर बने हुए हैं। चीन में यह शुल्क कटौती मार्च से प्रभावी होने वाली है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। पश्चिमी कनाडा की मंडियों में पीली मटर 8.00–8.30 डॉलर प्रति बुशेल पर कारोबार कर रही है। अधिकतम 3 प्रतिशत चिपटे दाने वाली हरी मटर का एफओबी डिलीवरी मूल्य करीब 10.50 डॉलर प्रति बुशेल है, जबकि अधिक चिपटे दाने वाले माल के भाव इससे नीचे हैं। मापले मटर 11 से 13 डॉलर प्रति बुशेल के स्तर पर, स्थान और डिलीवरी अवधि के अनुसार बिक रही है। आमतौर पर जनवरी के बाद कनाडा में मटर के भाव मजबूत रहते हैं, जिससे किसानों को बुवाई का प्रोत्साहन मिलता है। इस बार आई मजबूती मुख्यतः चीन का बाजार खुलने की उम्मीद का मनोवैज्ञानिक प्रभाव है, न कि वास्तविक मांग वृद्धि का। अप्रैल में बुवाई शुरू होगी, जबकि किसानों के पास अभी भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। नई फसल अगस्त–सितंबर में आएगी, जिसके लिए अग्रिम अनुबंध की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने व लिवाली शांत पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान आयातित मटर की कीमतों में 100/125 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट   देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में मुंबई कनाडा 3950 रुपए रूस 3825/3850 रुपए व मुद्रा कनाडा 3850 रुपए व रूस 3800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार कानपुर मटर की कीमतों में इस साप्ताह 175 रुपए प्रति क्विंटल की  मंदी देखी गयी और भाव सप्ताहांत में 4100/4125 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। लिवाली सुस्त पड़ने से ललितपुर मटर की कीमतों में भी इस साप्ताह 300/400 रुपए प्रति क्विंटल गिरावट के साथ भाव सप्ताहंत में 3500/3800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार महोबा मटर में भी इस साप्ताह 300 रुपए प्रति क्विंटल  का मंदा दर्ज किया गया और इस मंदे के साथ भाव सप्ताहंत में 3600/3900 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। सुस्त मांग के चलते उरई मटर में भी इस साप्ताह 120 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी भाव  सप्ताहांत में 3700/3880 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार मऊरानीपुर मटर मे भी 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहंत में 3700/3800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। चौतरफा गिरावट असर व मांग कमजोर पड़ने से मध्य प्रदेश मटर की कीमतों में इस  साप्ताह 200 रुपए प्रति क्विंटल का क्विंटल का मंदा दर्ज किया गया और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में बीना 3500/3600 रुपए व दमोह भी 3500/3800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। 
मटर दाल  
मटर की गिरावट के असर व मांग कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान मटर दाल की कीमतों में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहंत में भाव कानपुर 4500/4650 रुपए व इंदौर 4700/4800 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।