News Capsule/न्यूज कैप्सूल: पश्चिम एशिया तनाव से खाद्य तेलों के दाम मजबूत
05-Mar-2026 12:33 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: पश्चिम एशिया तनाव से खाद्य तेलों के दाम मजबूत
★ ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण भारत में खाद्य तेलों के दाम मजबूत होने लगे हैं। हालांकि अभी आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है, लेकिन कच्चे तेल के महंगे होने से आयातित तेलों की लैंडेड कीमत बढ़ने की आशंका है।
★ पाम तेल मुख्यतः मलेशिया और इंडोनेशिया से आता है, जबकि सोयाबीन तेल अर्जेंटीना और ब्राजील से आयात होता है। इन दोनों में फिलहाल युद्ध से कोई लॉजिस्टिक बाधा नहीं है। सूरजमुखी तेल रूस और यूक्रेन से ब्लैक सी मार्ग के जरिए आता है और अभी इस पर भी सीधा असर नहीं पड़ा है।
★ हालांकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से बायोडीजल की मांग बढ़ती है, जिससे खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव आता है। इसी कारण भारत में आयातित तेलों की लैंडेड कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।
★ फरवरी के अंत तक कच्चे सोयाबीन तेल की लैंडेड कीमत लगभग 6 प्रतिशत और सूरजमुखी तेल करीब 13 प्रतिशत तक बढ़ चुकी थी। यदि पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में खाद्य तेलों की कीमतों में 30–40 डॉलर प्रति टन तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
★ ब्रेंट क्रूड की कीमत भी तेज़ी से बढ़कर लगभग 83–85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो जुलाई 2024 के बाद का उच्च स्तर है।
यदि तनाव बना रहा तो इसका असर भारत में खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
