साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
18-Apr-2026 07:16 PM
आवक एवं लिवाली के अनुरूप गेहूं में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में 11-17 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान गेहूं की आवक की गति धीमी रही और सरकारी एजेंसियों को खरीद की रफ्तार बढ़ाने का अवसर नहीं मिल सका। गेहूं के दाने की क्वालिटी भी कमजोर देखी जा रही है। मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप गेहूं की कीमतों में कहीं 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी तो कहीं इतनी ही नरमी देखी गई।
दिल्ली
दिल्ली में गेहूं का भाव 2525/2550 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जबकि राजकोट में 200 रुपए उछलकर 2000/2700 रुपए तथा इटारसी (एमपी) में 100 रुपए बढ़कर 2340/2700 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। दूसरी ओर इसक दाम इंदौर में 171 रुपए घटकर 2230/3000 रुपए प्रति क्विंटल और बारां (राजस्थान) में 50 रुपए गिरकर 2400/2650 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं का भाव आमतौर पर मजबूत रहा और उसमें 55 से 110 रुपए प्रति क्विंटल तक का सुधार देखा गया। मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ने लगी है और व्यापारियों / स्टॉकिस्टों तथा मिलर्स / प्रोसेसर्स द्वारा इसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है।
महाराष्ट्र / हरियाणा
महाराष्ट्र की जालना मंडी 100 रुपए नरम रही। हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद अच्छी है मगर अन्य राज्यों में गति बहुत धीमी है। दिलचस्प तथ्य यह है कि अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव न्यूतनम समर्थन मूल्य (2585 रुपए) प्रति क्विंटल से नीचे चल रहा है। आगे गेहूं की आवक तेजी से बढ़ सकती है।
