समुद्र के खारे पानी को शुद्ध पेय जल में बदलने की तकनीक विकसित
28-Jan-2026 09:16 PM
जोधपुर। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा एक ऐसे कॉम्पैक्ट तथा हाथ से संचालित होने वाले सिस्टम का विकास किया गया है जो बिजली के बगैर समुद्र के खारे पानी को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल में बदल सकता है।
अत्यंत दुर्लभ एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए डिजाइन एवं विकसित यह सिस्टम द्वीपों, समुद्री तटों तथा आपदा ग्रस्त इलाकों में कार्यरत सेना के जवानों के लिए भी पेयजल का संकट दूर करने में कारगर सबित हो सकता है।
जोधपुर (राजस्थान) डीआरडीओ की रक्षा प्रयोगशाला में चालू माह (जनवरी 2026) के आरंभ में इस नए सिस्टम का अनावरण किया गया जिसे सी वाटर डि सैविनेशन सिस्टम (स्वदेस) नाम दिया गया है।
संगठन के अनुसार पहले इस तरह के सिस्टम को एक सपना माना जाता था लेकिन अब यह वास्तविकता में बदल चुका है।
इस प्रक्रिया की अब शुरुआत हो गई है और आगे इस पर लगातार अनुसंधान एवं विकास का कार्य जारी रहेगा। इस छोटे सिस्टम को बड़ी प्रणाली के साथ में विकसित करने की कोशिश की जाएगी और साथ ही साथ इसके लागत खर्च को भी नियंत्रण में रखने पर जोर दिया जाएगा। यह एक पोर्टेबल तथा हाथ से चलाने वाला वाटर प्यूरीफायर है।
जहां मीठे जल का अभाव रहता है वहां सैनिकों के लिए यह सिस्टम काफी मददगार साबित होगा। वैज्ञानकों का ध्यान भविष्य में समुद्री जल के खारे पानी को शुद्ध - सुरक्षित पानी में बदलने पर केन्द्रित है ताकि अन्य क्षेत्रों में भी इसका उपयोग हो सके।
