सामान्य औसत की तुलना में अगस्त में 60 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान

29-Apr-2026 08:42 PM

मुम्बई। एक प्राइवेट मौसम एजेंसी ने इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान देश में सामान्य औसत स्तर के मुकाबले अगस्त में 60 प्रतिशत एवं सितम्बर में 70 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान लगाया है।

वैसे एजेंसी का कहना है कि मानसून के आगमन में कोई बाधा नहीं पड़ेगी और यह जून में अपने निश्चित समय पर देश में पहुंच सकता है लेकिन बाद के महीनों में यह कमजोर पड़ सकता है। अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से दूसरे हाफ में मानसून की तीव्रता, सघनता एवं गतिशीलता में कमी आने की संभावना है। 

जून से सितम्बर के चार महीनों तक सक्रिय रहने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए 'प्राण वायु' (ऑक्सीजन) माना जाता है क्योंकि इस अवधि की वर्षा न केवल खरीफ फसलों को प्रत्यक्ष तौर पर लाभ पहुंचाती है बल्कि परोक्ष रूप से रबी फसलों के लिए भी फायदेमंद साबित होती है। इस वर्षा की वजह से ही बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़ता है और फसलों की सिंचाई के लिए जल प्राप्त होता है।

मानसून सीजन के दूसरे हाफ के दौरान यानी अगस्त-सितम्बर 2026 में देश के पश्चिमोत्तर, मध्यवर्ती एवं दक्षिणी राज्यों में सामान्य औसत से कम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है जिसमें राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख कृषि उत्पादक प्रान्त शामिल हैं। देश में खरीफ कालीन दलहन-तिलहन एंव कपास का 85-90 प्रतिशत उत्पादन इन्ही प्रांतों में होता है।