सौंफ की कीमतों में मंदे की संभावना नहीं
09-Sep-2026 07:13 PM
नई दिल्ली। विगत कुछ समय से सौंफ के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर दैनिक आवक घटने के अलावा लोकल एवं निर्यातक मांग में सुधार देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 के दौरान सौंफ का निर्यात भाव 109/110 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जोकि वर्तमान में 118/119 रुपए बोला जाने लगा है। जून माह में निर्यात भाव 99/100 रुपए चल रहा है। सूत्रों का मानना है कि उत्पादक केन्द्रों पर बारिश की कमी के चलते आगामी सीजन के लिए उत्पादक केन्द्रों पर सौंफ की बिजाई प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में देश में सौंफ की बिजाई 92/93 हजार हेक्टेयर पर की गई थी। जोकि वर्ष 2025 में घटकर 85/86 हजार हेक्टेयर की रह गई। सौंफ का मुख्यतः उत्पादन गुजरात, राजस्थान में होता है।
गत सीजन के बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण चालू सीजन के लिए उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई एक ओर जहां वर्ष 2025 के दौरान सौंफ का उत्पादन 18/19 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का रहा था वह वर्ष 2026 में घटकर 16/17 लाख बोरी का रह गया।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश भाग मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी ऊंझा में आवक घटकर 2000/2200 बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की मेडता एवं नागौर में आवक 600/700 बोरी की रह गई है। एवरेज क्वालिटी का भाव 95/120 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि गुजरात में कुल उत्पादन का लगभग 75/80 प्रतिशत एवं राजस्थान 70/75 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। चालू सीजन के दौरान गुजरात में सौंफ का उत्पादन 7/7.50 लाख बोरी एवं राजस्थान 7.5/8 लाख बोरी के अनुमान लगाए गए थे। अन्य क्षेत्रों में उत्पादन अनुमान 1.5/2 लाख बोरी का लगाया गया था।
स्टॉक
वर्तमान में प्रमुख उत्पादन राजस्थान, गुजरात एवं राजस्थान की मंडियों में सौंफ का स्टॉक 7/8 लाख बोरी का माना जा रहा है। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में स्टॉक 4/4.50 लाख बोरी एवं राजस्थान 3/3.50 लाख बोरी होने के अनुमान है। सौंफ का अधिकांश निर्यात व्यापार गुजरात से होता है।
मन्दा नहीं
विगत कुछ समय से सौंफ के भाव धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं और आगामी दिनों में भी भाव तेज रहने के अनुमान हैं। उल्लेखनीय है कि मई माह के दौरान सौंफ का निर्यात व्यापार 95/96 रुपए पर हो गया था। जोकि जून में बढ़कर 99/100 रुपए प्रति किलो हो गया। जुलाई-अगस्त में भाव धीरे-धीरे बढ़कर 109/110 रूपए हो गए और सितम्बर में 118/119 रुपए का भाव बोला जाने लगा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी दिनों में भी भाव तेज रहने की संभावना है।
निर्यात
वित्त वर्ष 2026-27 के प्रथम तिमाही में सौंफ का निर्यात मात्रात्मक रूप से 7 प्रतिशत घटा है लेकिन निर्यात भाव अच्छे मिलने के कारण आय में 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून- 2026 के दौरान सौंफ का निर्यात 8318 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 124 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून- 2025 के दौरान सौंफ का निर्यात 8907 टन का रहा था और प्राप्त आय 117.43 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 33038 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 421.22 करोड़ की रही।
