पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान

28-Mar-2026 12:45 PM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्सरसाइज ड्यूटी) में 10-10 रूपए प्रति लीटर की जो कटौती की गई है उससे उसे प्रत्येक पखवाड़े में 10-10 रूपए प्रति लीटर की जो कटौती की गई है उससे उसे प्रत्येक पखवाड़े में 70 अरब रूपए के राजस्व का भारी नुकसान होने की आशंका है इस कटौती के बाद उत्पाद शुल्क घटकर पेट्रोल पर महज 3 रूपए प्रति लीटर रह गया है जबकि डीजल पर पूरी तरह समाप्त हो गया है। 

सरकार के इस कदम से पेट्रोलियम कम्पनियो को पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वैसे इस शुल्क कटौती के बावजूद कम्पनियो को कुछ घाटा होगा क्योंकि क्रूड खनिज तेल का वैश्विक बाजार भाव बढ़ता जा रहा है और डॉलर की तुलना में रूपए की कीमत घटती जा रही है जिससे इसका आयात महंगा बैठ रहा है। 

ईरान संकट के कारण क्रूड तेल के आयात की गति धीमी पड़ गई है सरकार का दावा है कि देश में 60 दिनों की जरूरत को पूरा करने लायक पेट्रोलियम मौजूद है और रूस सहित कई देशो से इसका आयात जारी है इसलिए घरेलू प्रभाग में इसकी  उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी।