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पर्याप्त आपूर्ति से उड़द के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना

29-Sep-2026 04:11 PM

पर्याप्त आपूर्ति से उड़द के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना

मुम्बई। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने तथा मांग एवं आपूर्ति के बीच काफी हद तक संतुलन रहने से निकट भविष्य में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ उड़द का घरेलू बाजार भाव एक निश्चित सीमा में ही घूमते रहने की संभावना है। लेकिन यदि निर्यातक देशों (म्यांमार,ब्राजील) में भाव तेज होता है अथवा भारतीय रुपए की विनिमय दर में गिरावट आती है तो उड़द का आयात महंगा हो सकता है और तब कीमतों में वृद्धि की संभावना बन सकती है। 

शीर्ष व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एन्ड ग्रेन्स एसोसिएशन के अनुसार उड़द की आपूर्ति का आगामी परिदृश्य आरामदायक प्रतीत होता है। म्यांमार एवं ब्राजील से इसका समुचित आयात हो रहा है जिससे घरेलू प्रभाग में इसकी मांग एवं खपत में होने वाली बढ़ोत्तरी को आसानी से पूरा करना संभव हो रहा है।

घरेलू प्रभाग में खरीफ कालीन उड़द के नए माल की आवक अगले महीने से जोर पकड़ सकती है। मानसून एवं मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं होने से उड़द की फसल के प्रति कुल चिंता बनी हुई है इसलिए कीमतों में काफी हद तक स्थिरता का माहौल रह सकता है। 

वैसे म्यांमार से सर्वोच्च क्वालिटी की उड़द का आयात सीमित मात्रा में किया जा रहा है क्योंकि भारतीय बाजार में इसका ठीक से 'पड़ता' नहीं बैठ रहा है। वैसे अगस्त-सितम्बर में ब्राजील से अच्छी मात्रा में उड़द का आयात हुआ। अक्टूबर में भी ब्राजील से करीब 3000 फुल कंटेनरों में उड़द की खेप भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है इससे पूर्व जिस माल के शिपमेंट में देरी हुई उसकी खेप भी शीघ्र ही भारत पहुंचने वाली है।

उधर म्यांमार में 3.50-4.00 लाख टन उड़द का पुराना स्टॉक अभी बचा हुआ है जिसका फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य 940-950 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। लेकिन उसे इस स्टॉक को जल्दी से जल्दी बेचने की आवश्यकता पड़ेगी ताकि अगली नई फसल के भंडारण के लिए स्थान खाली किया जा सके।